किसानों को उपज का उचित मूल्य और गरीबों को पूरा राशन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मनोज कुमार पाण्डेय
अन्य खबरे Nov 05, 2026 at 05:10 PM , 22**धान खरीद के लिए प्रदेश में 5,047 क्रय केंद्र संचालित, 65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य; 48 घंटे में किसानों के खातों में पहुंचेगा भुगतान**
**2017-18 से 2025-26 तक धान खरीद के एवज में किसानों को 99,733 करोड़ रुपये का भुगतान**
**राशन वितरण में घटतौली और अवैध वसूली पर होगी कठोर कार्रवाई, हर सप्ताह होंगे औचक निरीक्षण**
**लखनऊ, 5 नवंबर।** उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और गरीबों को निर्धारित मात्रा में पूरा राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि किसानों को समयबद्ध भुगतान और पात्र लाभार्थियों तक पूरा खाद्यान्न पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राशन वितरण में घटतौली, अनियमितता और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खाद्यान्न खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद के लिए प्रदेश में 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 5,047 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
**धान का कॉमन श्रेणी में 2,441 और ग्रेड-ए का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल**
खाद्य एवं रसद मंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कॉमन श्रेणी के लिए 2,441 रुपये और ग्रेड-ए के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। अब तक 7,230 किसानों से 40,447 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है और किसानों को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि धान खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन किसान पंजीकरण, भूलेख पोर्टल का ई-उपार्जन पोर्टल से एकीकरण और ई-पॉप मशीनों के माध्यम से आधार आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। इससे वास्तविक किसानों से सीधे खरीद सुनिश्चित करने और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
**नौ वर्षों में किसानों को 99,733 करोड़ रुपये का भुगतान**
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक 14.87 लाख किसानों से 123.61 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 17,190.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 80.39 लाख किसानों से 528.39 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 99,733.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
वर्ष 2025-26 में 60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। इस दौरान 10.53 लाख किसानों को 14,883 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
**गेहूं और मोटे अनाज की खरीद से भी किसानों को लाभ**
मंत्री ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक 19.02 लाख किसानों से 94.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 12,808.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं, वर्ष 2017-18 से 2026-27 तक 55.89 लाख किसानों से 265.82 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 51,550.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
मोटे अनाज की खरीद के संबंध में उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष में बाजरा का एमएसपी 2,900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसके लिए 2.20 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 285 क्रय केंद्र संचालित हैं। अब तक 2,244 किसानों से 8,716 मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 20.82 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार हाइब्रिड ज्वार का एमएसपी 4,023 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। 50 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 95 क्रय केंद्र संचालित हैं। अब तक 106 किसानों से 347 मीट्रिक टन ज्वार खरीदकर 93 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं, मक्का का एमएसपी 2,410 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके लिए 15 हजार मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 120 क्रय केंद्र संचालित हैं।
**48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में पहुंचेगा भुगतान**
खाद्य एवं रसद मंत्री ने बताया कि किसान पंजीकरण और सत्यापन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। किसान अपनी फार्मर आईडी में उपलब्ध विवरण से संतुष्ट होने पर उसी के आधार पर पंजीकरण करा सकते हैं। यदि वे विवरण से संतुष्ट नहीं हैं तो पिछले वर्ष की प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराकर अपनी उपज बेच सकते हैं।
अब तक 1.40 लाख से अधिक किसान धान और मोटे अनाज की बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। खरीदी गई उपज का भुगतान अधिकतम 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।
**राशन में घटतौली और अवैध वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई**
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में पूरा राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। राशन वितरण में घटतौली किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि जिला पूर्ति अधिकारी अथवा निरीक्षक द्वारा उचित दर विक्रेताओं से अवैध धन वसूली की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उचित दर विक्रेताओं का कमीशन दीपावली से पहले उनके बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राशन वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
**प्रदेश में 8,753 अन्नपूर्णा भवन तैयार, 2,573 निर्माणाधीन**
मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रदेश में अब तक 8,753 अन्नपूर्णा भवन तैयार हो चुके हैं, जबकि 2,573 भवनों का निर्माण कार्य जारी है। इन भवनों पर लाभार्थियों के बैठने और पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था के लिए जिलों को धनराशि भेजी जा चुकी है। जिलाधिकारियों की निगरानी में इन सुविधाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा।
**मात्र पांच रुपये में मिलेगा भोजन, हर सप्ताह होंगे औचक निरीक्षण**
खाद्य एवं रसद मंत्री ने कहा कि प्रदेश की मंडियों, किसान एवं श्रमिक बहुल क्षेत्रों तथा अत्यंत गरीब इलाकों में अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों, श्रमिकों और गरीब परिवारों को सस्ती दर पर भोजन मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि खाद्यान्न खरीद और राशन वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वह स्वयं औचक निरीक्षण कर रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक सप्ताह औचक निरीक्षण किया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य, गरीब को पूरा राशन और जरूरतमंद को सुलभ भोजन उपलब्ध कराना विभाग का संकल्प है। इन व्यवस्थाओं में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।






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