**शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त वाहक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ**

जनपत की खबर , 13

**गोरखपुर।** शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित शिक्षकों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि **कोई भी राष्ट्र तभी सशक्त और समर्थ बन सकता है, जब उस राष्ट्र की भावनाओं के अनुरूप शिक्षा और संस्कार उसके युवाओं को प्राप्त हों। यह महत्वपूर्ण कार्य एक शिक्षक ही कर सकता है।**
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने का कार्य नहीं करता, बल्कि उन्हें राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। **एक शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की भावनाओं का वाहक बन सकता है।** इसी महत्वपूर्ण भूमिका के सम्मान के लिए यह समारोह आयोजित किया गया है।
 
### **दंगों और कर्फ्यू से बदलकर शांतिपूर्ण माहौल की ओर बढ़ा यूपी**
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कर्फ्यू और दंगों की घटनाएं आम चर्चा का विषय हुआ करती थीं। उन्होंने कहा कि **कल जन्माष्टमी का पर्व था और प्रदेश की पुलिस लाइनों, थानों तथा विभिन्न मोहल्लों में कार्यक्रम आयोजित हुए, लेकिन कहीं से भी दंगे या उपद्रव की खबर नहीं आई।**
 
उन्होंने कहा कि पहले दंगे और कर्फ्यू के माहौल में स्कूल-कॉलेजों के संचालन की कल्पना करना भी मुश्किल था, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश ने बड़ा बदलाव देखा है। अब शांति और सुरक्षा का माहौल है और **शिक्षकों के कार्यों पर कोई प्रश्नचिह्न खड़ा नहीं कर सकता।**
 
### **2017 से पहले नकल के लिए बदनाम था यूपी**
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में परीक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठते थे। उन्होंने कहा, **“क्या यह सच नहीं था कि 2017 के पहले ठेके पर नकल होती थी और उत्तर प्रदेश पर प्रश्न खड़ा होता था?”**
 
उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य के रूप में जब उत्तर प्रदेश की व्यवस्था पर सवाल उठता था, तो उसका प्रभाव पूरे देश की छवि पर पड़ता था। आज प्रदेश में हुए बदलाव को सभी ने देखा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि **2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश में लोग आने से कतराते थे, वहां आज परिस्थितियां बदली हैं।** उन्होंने कहा कि उस समय यूपी का युवा और शिक्षक जब दूसरे राज्यों में जाता था तो उसे भी संशय की नजर से देखा जाता था, लेकिन आज बदलते उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है।

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