सेवानिवृत्त डीजीपी आनंद लाल बनर्जी और आईजी सुभाष चंद्र गुप्ता को पुलिस मुख्यालय में श्रद्धांजलि, अधिकारियों ने दी भावभीनी विदाई
जनपत की खबर May 15, 2026 at 08:14 PM , 20लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार स्थित सभागार में गुरुवार को सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्वर्गीय आनंद लाल बनर्जी एवं सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्वर्गीय सुभाष चंद्र गुप्ता की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
शोक सभा में वक्ताओं ने कहा कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल में निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ पुलिस विभाग को नई दिशा देने का कार्य किया। उनके प्रशासनिक अनुभव, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को पुलिस विभाग हमेशा याद रखेगा।
35 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा के लिए याद किए जाएंगे आनंद लाल बनर्जी
स्वर्गीय आनंद लाल बनर्जी का जन्म 26 दिसंबर 1954 को लखनऊ में हुआ था। वर्ष 1979 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयनित होने के बाद उन्होंने प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। वह 28 फरवरी 2014 को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक नियुक्त हुए और 31 दिसंबर 2014 को सेवानिवृत्त हुए।
6 मई 2026 को उनके निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। लगभग 35 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2002 में ‘दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक’ तथा वर्ष 2009 में ‘विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया था।
सुभाष चंद्र गुप्ता ने पीपीएस से आईपीएस तक तय किया प्रेरणादायी सफर
स्वर्गीय सुभाष चंद्र गुप्ता का जन्म 13 मार्च 1948 को जनपद एटा में हुआ था। वर्ष 1973 में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) में चयनित होने के बाद उन्होंने विभिन्न जिलों और इकाइयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1989 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नति मिली।
करीब 34 वर्षों के सेवाकाल के बाद वह 31 मार्च 2008 को सेवानिवृत्त हुए। 29 अप्रैल 2026 को उनका निधन हो गया। अपने सेवाकाल में उन्होंने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। उन्हें वर्ष 1994 में ‘दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक’ तथा वर्ष 2001 में ‘विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया था।
शोक सभा के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
































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