नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन को केंद्र की मंजूरी: सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी कॉरिडोर, दिल्ली कनेक्टिविटी होगी आसान

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लखनऊ, 14 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। यह पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड होगा और इसमें कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
परियोजना के पूर्ण होने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी। इसे उत्तर प्रदेश में शहरी कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दिल्ली से सीधा इंटरचेंज, यात्रा समय घटेगा
नया कॉरिडोर सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां यात्रियों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों की दिल्ली एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक पहुंच अधिक सुगम होगी।
परी चौक से बॉटनिकल गार्डन तक का सफर भी आसान होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
उद्योग, आईटी हब और शिक्षण संस्थानों को मिलेगा लाभ
इस एक्सटेंशन से नोएडा के प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। सेक्टर-142 का एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल, सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा, सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट, सेक्टर-157 में टीसीएस, सेक्टर-126 में हैवेल्स, सेक्टर-132 में इंफोसिस व एडोबी, सेक्टर-135 में कॉग्निजेंट तथा सेक्टर-127 में ओरेकल जैसे संस्थानों को इसका लाभ मिलेगा।
शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में एमिटी विश्वविद्यालय, पंचशील बालक इंटर कॉलेज, महामाया बालिका इंटर कॉलेज और मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बेहतर रूप से मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। साथ ही बॉटनिकल गार्डन और सेक्टर-93 पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
ट्रैफिक जाम में कमी, पर्यावरण को लाभ
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से सड़क यातायात का दबाव घटेगा, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प बताते हुए कहा गया कि इससे सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
शहरी कनेक्टिविटी रणनीति को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शहरी विकास रणनीति में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है। यह परियोजना उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जिसके तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ शरद कोहली के अनुसार, “बेहतर कनेक्टिविटी निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में निर्णायक भूमिका निभाती है। नया मेट्रो रूट न केवल दिल्ली-नोएडा कनेक्शन को मजबूत करेगा, बल्कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति देगा।”
इस मंजूरी के साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में शहरी परिवहन का ढांचा और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

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