ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब: रिमोट एक्सेस से पेपर हल कराने वाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

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लखनऊ/देहरादून। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मेरठ फील्ड इकाई और उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। टीम ने एसएससी उत्तराखंड द्वारा आयोजित मल्टी टास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ एवं हवलदार परीक्षा-2025 में रिमोट एक्सेस तकनीक से प्रश्नपत्र हल कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी का विवरण
दिनांक: 13 फरवरी 2026
स्थान: महादेव डिजिटल जोन (एमकेपी इंटर कॉलेज), थाना कोतवाली, देहरादून
गिरफ्तार अभियुक्त
नीतीश कुमार, निवासी देवरिया (वर्तमान में नांगलोई, दिल्ली)
भास्कर नैथानी, निवासी देहरादून (वेन्यू ओनर)
बरामद उपकरण
02 लैपटॉप (चालू अवस्था में)
10 ईथरनेट कनेक्टर एडेप्टर
02 कैट-06 ईथरनेट केबल (यूएसबी कनेक्टर सहित)
01 डिजिटल राउटर (चार्जर व केबल सहित)
04 मोबाइल फोन
ऐसे चलता था नकल का नेटवर्क
एसटीएफ को ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में सिस्टम हैकिंग और सॉल्वर बैठाकर परीक्षा कराने की शिकायतें मिल रही थीं। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में मेरठ एसटीएफ टीम ने देहरादून में अभिसूचना के आधार पर छापा मारा।
परीक्षा केंद्र के यूपीएस रूम के अंडरग्राउंड चैम्बर में दो लैपटॉप चालू हालत में मिले, जिनमें RealVNC Viewer और Oracle VM VirtualBox जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर सक्रिय थे। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि इन सिस्टम्स को बाहर बैठे सॉल्वर रिमोटली ऑपरेट कर रहे थे।
जांच में पाया गया कि राउटर और नेटवर्क वायरिंग को अवैध रूप से अंडरग्राउंड कनेक्शन के जरिए लैब और कैमरा नेटवर्क से जोड़ा गया था, जिससे परीक्षार्थियों के कंप्यूटर की आईपी एड्रेस सूची बाहर बैठे गिरोह को भेजी जाती थी। उसी आईपी के माध्यम से पेपर हल कराया जाता था।
प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक की डील
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये वसूलता था। सेंटर संचालक को 30 हजार रुपये प्रतिमाह और आईटी सेटअप संभालने वाले नीतीश कुमार को 40 हजार रुपये दिए जाते थे।
आरोपियों ने पूर्व में भी इसी परिसर में आयोजित परीक्षाओं में इसी प्रकार का सेटअप तैयार किया था।
मुकदमा दर्ज
अभियुक्तों के विरुद्ध थाना कोतवाली, देहरादून में भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सघन अभियान जारी रहेगा।

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