किसान संगठनों की ओर से मंगलवार को भारत बंद का ऐलान

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नई दिल्ली। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों की ओर से मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया। किसान संगठनों ने कहा है कि मंगलवार को पूरे दिन बंद रहेगा और यह बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा। किसान नेताओं ने यह भी कहा है कि उनके मंच पर या प्रदर्शन में किसी भी राजनीतिक दल को जगह नहीं मिलेगी। ध्यान रहे देश के 19-20 विपक्षी राजनीतिक दलों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। देश के एक दर्जन बड़े विपक्षी नेताओं ने बयान जारी करके किसानों का समर्थन किया है।

गौरतलब है कि किसान पिछले 12 दिन से दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उनकी केंद्र सरकार के साथ बातचीत भी हुई है पर कोई नतीजा नहीं निकला है। किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। आठ दिसंबर को हो रहे भारत बंद के अगले दिन नौ दिसंबर को एक बार फिर किसान संगठनों की भारत सरकार के साथ बातचीत होगी। सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर वार्ता की अगुवाई कर रहे हैं।

बहरहाल, भारत बंद से एक दिन पहले सोमवार की शाम को किसान नेताओं ने एक साझा कांफ्रेंस की। इसमें किसान नेताओं ने कहा- कल पूरा दिन बंद रहेगा। यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा। हमारे मंच पर किसी राजनेता को जगह नहीं मिलेगी। हालांकि बंद से पहले सोमवार को नेताओं का किसान आंदोलन की जगह पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी सोमवार को सिंघु सीमा पर पहुंचे थे।

दिल्ली-हरियाणा-सिंघु सीमा पर किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने सोमवार को कहा- हमारा बंद पूरे दिन रहेगा। दोपहर तीन बजे तक चक्का जाम होगा। यह एक शांतिपूर्ण बंद रहेगा। हम हमारे मंच पर किसी भी राजनीतिक नेता को जगह नहीं देंगे। वहीं, किसान नेता निर्भय सिंह धुड़िके ने कहा- हमारा प्रदर्शन केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। दुनिया भर के नेताओं का इसे समर्थन मिल रहा है। हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। इससे पहले, किसानों के समर्थन में सोमवार को पंजाब के 30 एथलीट्स अवॉर्ड लौटाने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

भारत बंद से एक दिन पहले सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा- हम शांति से प्रदर्शन करते रहेंगे। हम आम आदमी को परेशान नहीं करना चाहते। मंगलवार को भारत बंद का समय 11 बजे से तीन बजे तक इसलिए रखा है, क्योंकि 11 बजे तक ज्यादातर लोग ऑफिस पहुंच जाते हैं और तीन बजे छुट्टी होनी शुरू हो जाती है। गौरतलब है कि किसानों के भारत बंद को कांग्रेस सहित 20 पार्टियों और 10 मजदूर संगठनों का समर्थन मिला है। इस बीच विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने नौ दिसंबर को राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा है।

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