कोरोना वायरस की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा!
राष्ट्रीय Jul 20, 2021 at 06:42 PM , 404नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देश में ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं गई है। संसद के चालू सत्र के दौरान केंद्र ने राज्यसभा यह जानकारी दी। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस बारे में सवाल किया था, जिसका जवाब देते हुए केंद्र ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं गई। हालांकि अप्रैल और मई के महीने में राजधानी दिल्ली से लेकर देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोगों की जान गई।
केसी वेणुगोपाल ने सदन में कहा था कि सड़कों और अस्पतालों में बड़ी तादाद में कोरोना मरीजों की मौत हुई है। दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण ऐसा हुआ है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉक्टर भारती प्रवीण पवार ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था राज्यों का विषय है। इसके बाद भी केंद्र सरकार ने उनकी बहुत मदद की है। सभी राज्यों तक ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाई गई है। डॉ. भारती ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में रोजाना 3,095 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी, जबकि दूसरी लहर में रोजाना नौ हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। केंद्र ने राज्यों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अच्छा फ्रेमवर्क तैयार किया था।
तीसरी लहर के बारे में चर्चा करते हुए राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि केंद्र सरकार का काम सिर्फ डाटा को राज्यों से इकट्ठा करके पब्लिश करने का है। हमने कभी किसी राज्य को डेटा से छेड़छाड़ करने के लिए नहीं कहा। ऐसा करने का कोई कारण नहीं है। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में भी प्रधानमंत्री ने यही बात कही थी। मंडाविया ने कहा- 130 करोड़ लोगों के साथ सभी राज्य सरकारें भी संकल्प लें कि हम देश में तीसरी लहर नहीं आने देंगे। हमारा संकल्प और प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन हमें तीसरी लहर से बचा सकता है। ये समय एकजुट होकर काम करने का है। केंद्र सरकार ने किसी राज्य से ये नहीं कहा कि आपने काम किया या नहीं किया। हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते।






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