लखनऊ: मेडिकल क्लेम के ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता से बढ़ी पेंशनरों की परेशानी, ऑफलाइन व्यवस्था बहाल करने की मांग

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**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल क्लेम) बिलों के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य किए जाने से हजारों बुजुर्ग पेंशनरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रदेश में 1 अक्टूबर से चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे करीब 14 लाख सरकारी कर्मचारी और 12 लाख पेंशनर प्रभावित हो रहे हैं।
 
### बुजुर्ग पेंशनरों के सामने तकनीकी चुनौती
 
ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग पेंशनरों को हो रही है। कई पेंशनरों के पास स्मार्टफोन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, बड़ी संख्या में बुजुर्गों को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने की पर्याप्त तकनीकी जानकारी भी नहीं है। ऐसे में मेडिकल क्लेम के लिए आवेदन करना उनके लिए चुनौती बन गया है।
 
### ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन सुविधा भी जारी रखने की मांग
 
पेंशनरों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू करना गलत नहीं है, लेकिन जिन बुजुर्गों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, उनके लिए ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी जारी रखी जानी चाहिए। इससे जरूरतमंद पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ लेने में दिक्कत नहीं होगी।
 
### लखनऊ समेत प्रदेशभर में प्रदर्शन
 
ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता के विरोध में लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।
 
### अपर मुख्य सचिव वित्त के सामने भी उठा मुद्दा
 
पेंशनरों की इस समस्या को अपर मुख्य सचिव वित्त के साथ हुई बैठक में भी उठाया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है।
 
पेंशनरों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था के साथ ऑफलाइन आवेदन का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि तकनीकी सुविधाओं से वंचित और बुजुर्ग पेंशनरों को अपने मेडिकल क्लेम के लिए परेशान न होना पड़े।

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