रेबीज उन्मूलन के लिए व्यापक जन-जागरूकता आवश्यक

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रेबीज मुक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में अहम कदमः पशुपालन विभाग एवं Jhpiego  द्वारा 'One Health'  परामर्श कार्यक्रम आयोजित

पालतू श्वानों का समय से नियमित एंटी रेबीज टीकाकरण अवश्य कराएं
लखनऊः 28 सितम्बर, 2026

विश्व रेबीज दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग तथा अंतर्राष्ट्रीय संस्था Jhpiego के संयुक्त तत्वावधान में One Health Consultation on Rabies Prevention and Elimination in Uttar Pradesh  विषय पर एक दिवसीय परामर्श कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि मानव और पशु स्वास्थ्य का परस्पर गहरा संबंध है। रेबीज जैसी घातक बीमारी के उन्मूलन के लिए एकीकृत रणनीति और व्यापक जन-जागरुकता अति आवश्यक है। पशुपालन विभाग प्रदेश को पूर्णतः सुरक्षित और रेबीज मुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।
बैठक के दौरान One Health दृष्टिकोण के तहत राज्य में रेबीज की प्रभावी रोकथाम, शत-प्रतिशत एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान तथा मानव एवं पशु स्वास्थ्य विभागों के आपसी समन्वय से वर्ष 2030 तक रेबीज के पूर्ण उन्मूलन की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय बैठक में निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेंद्र प्रसाद, तथा निदेशक (रोग नियंत्रण एवं फार्म) डॉ. संगीता तिवारी सहित विभाग के समस्त उच्चाधिकारी, विषय विशेषज्ञ एवं Jhpiego के वरिष्ठ प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही पशुपालन विभाग द्वारा ’सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में विशेष निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण शिविरों का सफल आयोजन भी किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में श्वानों एवं अन्य पशुओं में रेबीज के प्रसार को रोकना तथा आमजन को इस घातक बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
शिविरों के दौरान पशुचिकित्सा विभाग की विशेषज्ञ टीमों द्वारा पशुपालकों एवं स्थानीय नागरिकों के श्वानों का निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण किया गया। इस अवसर पर  पशुपालकों को जानकारी दी गई कि रेबीज एक गंभीर एवं जानलेवा विषाणुजनित रोग है, लेकिन समय पर टीकाकरण, सावधानी एवं उचित प्रबंधन के माध्यम से इसकी रोकथाम प्रभावी रूप से की जा सकती है।
पशुपालन विभाग द्वारा अपील की गई है कि वे अपने पालतू श्वानों का समय से नियमित एंटी रेबीज टीकाकरण अवश्य कराएं तथा पशु के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। साथ ही, आसपास के आवारा श्वानों के संबंध में भी जिम्मेदार एवं सुरक्षित व्यवहार अपनाएं। अभियान के दौरान विभागीय पशुचिकित्साधिकारी, पैरावेट कर्मचारी एवं स्थानीय पशुपालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी पशुपालकों एवं आमजन को रेबीज की रोकथाम, पशु टीकाकरण एवं सुरक्षित पशु-व्यवहार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

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