लखनऊ में सरप्लस शिक्षक सूची पर उठे सवाल, शिक्षकों में असमंजस और नाराज़गी
राष्ट्रीय May 16, 2026 at 02:07 PM , 26लखनऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) लखनऊ द्वारा जारी की गई सरप्लस शिक्षकों की सूची को लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। शिक्षकों का आरोप है कि जारी सूची में केवल विद्यालयों में सरप्लस पद दर्शाए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित विद्यालय में कौन-सा शिक्षक सरप्लस घोषित किया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि बीएसए कार्यालय ने आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की है, लेकिन सूची में स्पष्ट जानकारी न होने के कारण प्रभावित शिक्षक अपनी आपत्ति प्रभावी ढंग से दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। इससे शिक्षकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
शिक्षक संगठनों और संबंधित शिक्षकों ने मांग उठाई है कि विभाग प्रत्येक विद्यालय में सरप्लस घोषित शिक्षक का नाम सार्वजनिक करे, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बन सके और शिक्षक समय रहते अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकें।
इसके साथ ही कई शिक्षकों ने यह भी सुझाव दिया है कि जिन विद्यालयों में किसी शिक्षक को स्वेच्छा से स्थानांतरित या समायोजित होकर अन्य विद्यालय जाने की इच्छा है, उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे अनावश्यक विवाद कम होंगे और समायोजन प्रक्रिया भी सुगम हो सकेगी।
कुछ शिक्षकों ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि उनके आवास से विद्यालय की दूरी काफी अधिक है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे शिक्षकों को भी समायोजन प्रक्रिया में दूसरे ब्लॉक या नजदीकी क्षेत्र में जाने का विकल्प दिया जाना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि यदि विभाग पारदर्शिता और मानवीय आधार पर समायोजन प्रक्रिया लागू करे तो इससे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।



























Comments