DGP राजीव कृष्ण की उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक, त्योहारों की सुरक्षा और विवेचना की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश

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लखनऊ, 14 फरवरी 2026। राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने पुलिस मुख्यालय में समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्य रूप से आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के समुचित उपयोग, विवेचना की गुणवत्ता तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।

“पुलिसिंग में व्यापक बदलाव, गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता”
डीजीपी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग में व्यापक बदलाव आया है, जिसके सभी अधिकारी साक्षी और सहभागी रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जनपदों के कार्यों के मूल्यांकन में सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।

आगामी त्योहारों के मद्देनज़र सख्त निर्देश
महाशिवरात्रि पर प्रमुख मंदिरों, नदियों और घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
होली के दौरान होलिका दहन स्थलों पर पूर्व से सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
रमजान माह को देखते हुए मस्जिदों के आसपास और नमाज के समय विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
विगत वर्षों के विवादों की समीक्षा कर संबंधित पक्षों से संवाद के माध्यम से समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए।
छोटी से छोटी सूचना पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
स्थानीय अभिसूचना इकाई एवं गोपनीय सूचना तंत्र सक्रिय रखा जाए तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी की जाए।

बजट के समयबद्ध उपयोग पर जोर
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासन द्वारा पुलिस विभाग को आवंटित बजट का समयबद्ध और समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो सके।

विवेचना की गुणवत्ता और नए कानूनों का अनुपालन
डीजीपी ने नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि ई-साक्ष्य इन कानूनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 के शीघ्र लॉन्च को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया।
ई-सम्मन और ई-साक्ष्य से जुड़े प्रकरणों की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षकों द्वारा सुनिश्चित की जाए।

अन्य प्रमुख निर्देश
प्रशिक्षणाधीन 60,000 आरक्षियों के आगमन को देखते हुए पुलिस लाइनों और थानों में बैरक/आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं।
‘ज़ीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में Disposal, Pendency और Compliance Rate में सुधार लाकर जनपद अपनी रैंकिंग बेहतर करें।

  • बैठक के समापन पर डीजीपी ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूर्ण निष्ठा और मनोयोग से कार्य करते हुए उच्च स्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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