**सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला: ‘जो बाबर-औरंगजेब में आस्था रखते हैं, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे?’**

जनपत की खबर , 14

 **श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में बोले मुख्यमंत्री—समाज में विष घोलने वालों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देगी डबल इंजन सरकार**
 
**मथुरा, 4 सितंबर।** श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ** ने अपने संबोधन में आस्था, सुरक्षा और राष्ट्रहित के मुद्दों को लेकर विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की आस्था भगवान श्रीकृष्ण, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है, लेकिन जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में है, क्या वे समाज की आस्था का सम्मान कर सकते हैं?
 
मुख्यमंत्री ने कहा, **“यह सरकार कृष्ण कन्हैया पर विश्वास करती है, प्रभु श्रीराम पर विश्वास करती है, बाबा विश्वनाथ पर और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है।”** उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे तत्व भी हैं जो बार-बार विष घोलने का प्रयास करते हैं और इससे समाज विरोधी तथा राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ते हैं।
 
### **‘सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे’**
 
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे तत्वों के कारण सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और बहन-बेटियों की सुरक्षा को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने किसानों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों के हितों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि **डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों पर पानी फेरने और प्रदेश में सुरक्षा एवं विकास का वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।**
 
### **अयोध्या का उल्लेख कर बोले सीएम—आस्था को समाप्त करने का प्रयास हुआ**
 
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले **1528 में विदेशी आक्रांता ने अयोध्या में हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था।** उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को अविजित मानते थे, वे आज समाप्त हो चुके हैं।
 
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों को अयोध्या में हो रहे बदलाव अच्छे नहीं लगते, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
 
### **‘योगमाया में आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को भव्य परिसर दिया’**
 
मुख्यमंत्री ने **योगमाया** के प्रति आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी आस्था के परिणामस्वरूप विंध्यवासिनी धाम को भव्य परिसर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आस्था और विरासत से जुड़े स्थलों का विकास श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री के संबोधन में **आस्था, सांस्कृतिक विरासत, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण** के मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए।

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