दिल्ली कूच की तैयारी तेज, TET के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे हजारों शिक्षक

जनपत की खबर , 235

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आगामी 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली विशाल महारैली की तैयारियों को लेकर शिक्षकों ने कमर कस ली है। ‘टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के बैनर तले होने वाले इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए शिक्षक भवन, रिसालदार पार्क में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तय करना रहा। मुख्य अतिथि एवं पर्यवेक्षक सुधांशु मोहन (प्रांतीय उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष, लखनऊ) ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई TET अनिवार्यता अनुभवी शिक्षकों के सम्मान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 अप्रैल को शिक्षक दिल्ली की सड़कों पर उतरकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे।
जिला कोषाध्यक्ष फहीम बेग ने भी आंदोलन को जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
जिलाध्यक्ष सुधांशु मोहन ने कड़े शब्दों में कहा कि दशकों से शिक्षा सेवा में लगे शिक्षकों को अब पात्रता की कसौटी पर कसना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए इसे वापस कराने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने TET अनिवार्यता को शिक्षकों के भविष्य के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ का हर शिक्षक दिल्ली पहुंचकर इस नीति का विरोध करेगा। साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों का अनुभव और वरिष्ठता ही उनकी वास्तविक पात्रता है, न कि कागजी परीक्षाएं।
बैठक में सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जिले के हर कोने से शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे और आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएंगे।
अंत में ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारों के साथ सभी पदाधिकारियों ने आंदोलन को सफल बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर मलिहाबाद, काकोरी, गोसाईगंज, मोहनलालगंज, चिनहट और सरोजिनी नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारी एवं सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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