शिक्षक आत्महत्या प्रकरण: देवरिया की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, विभागीय जांच शुरू

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देवरिया/लखनऊ। शिक्षक आत्महत्या प्रकरण और उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासन ने उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। मामला 22 फरवरी 2026 को प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी, देवरिया द्वारा 23 फरवरी 2026 को गठित जांच समिति की आख्या शासन को भेजी गई थी। परीक्षण के दौरान पाया गया कि मा. उच्च न्यायालय में गोचित रिट याचिका A संख्या-7446/2023 में 13 फरवरी 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में बीएसए कार्यालय द्वारा लगभग एक वर्ष तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
जांच में प्रथम दृष्टया यह माना गया कि संबंधित अधिकारी द्वारा न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरती गई तथा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता और अनियमितता पाई गई। इसी आधार पर राज्यपाल की स्वीकृति से उन्हें नियम-4 के तहत निलंबित करते हुए नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई है।
विभागीय जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में श्रीमती श्रीवास्तव को शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) देय होगा। अन्य भत्तों का भुगतान नियमानुसार एवं प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर किया जाएगा, जिसमें यह घोषित करना होगा कि वे किसी अन्य सेवायोजन या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
शासन के इस कदम को शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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