8 कमरे और 24 बेड की सीमा तय, पर्यटन और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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जयपुर, 21 फरवरी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में बड़ा सुधारात्मक कदम उठाते हुए ‘राजस्थान होमस्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) योजना–2026’ को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस योजना के तहत अब एक आवासीय इकाई में अधिकतम 8 कमरे और 24 बेड की अनुमति दी गई है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन) प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विजन के अनुरूप यह योजना पर्यटन-विकास, ग्रामीण आय-वृद्धि और स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल है।
ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के अनुरूप सरलीकरण
योजना को भारत सरकार के डिरेगुलेशन 2.0 उपायों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की भावना के अनुरूप सरल बनाया गया है। अब होमस्टे शुरू करने के लिए बहु-विभागीय अनुमति और जटिल कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
सिंगल-विंडो सिस्टम
कम दस्तावेज़
तेज़ एवं डिजिटल पंजीकरण
इन सुधारों से छोटे निवेशक, ग्रामीण परिवार और महिला उद्यमी भी आसानी से पर्यटन व्यवसाय से जुड़ सकेंगे।
संचालन में लचीलापन
नई योजना में पूर्व की उस शर्त को समाप्त कर दिया गया है, जिसके तहत संपत्ति स्वामी या परिवार के सदस्य का परिसर में निवास अनिवार्य था। अब होमस्टे का संचालन:
संपत्ति स्वामी
लीजधारी
या निर्धारित मानकों के अनुसार नियुक्त केयरटेकर
द्वारा किया जा सकेगा। इससे व्यावसायिक दक्षता और संचालन में लचीलापन सुनिश्चित होगा।
ऑनलाइन और समयबद्ध पंजीकरण
पंजीकरण प्रक्रिया शीघ्र ही पूर्णतः ऑनलाइन की जाएगी।
आवेदन के 7 कार्य दिवस में अस्थायी पंजीकरण
3 माह में निरीक्षण के बाद स्थायी प्रमाणपत्र (2 वर्ष की वैधता)
निर्धारित समय सीमा में प्रमाणपत्र जारी न होने पर आवेदन स्वतः पंजीकृत माना जाएगा
ग्रामीण क्षेत्रों के गृहस्वामी निकटतम पर्यटक स्वागत केंद्र (TRC) के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे।
अनिवार्य सुविधाएं और सुरक्षा प्रावधान
प्रत्येक होमस्टे को पूर्णतः रिहायशी परिसर में संचालित करना होगा। अनिवार्य प्रावधानों में शामिल हैं—
अटैच बाथरूम एवं शौचालय
जल व विद्युत आपूर्ति
वेंटिलेशन और स्वच्छता
अग्नि सुरक्षा मानक
पार्किंग व कचरा निस्तारण व्यवस्था
विदेशी पर्यटकों की सूचना संबंधित प्राधिकरण को देना तथा अतिथि पंजिका का कम से कम 7 वर्ष तक संधारण अनिवार्य होगा।
सिल्वर और गोल्ड श्रेणी
योजना के तहत होमस्टे को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है—
सिल्वर श्रेणी:
पंजीकरण शुल्क ₹1,000
गोल्ड श्रेणी:
पंजीकरण शुल्क ₹2,000
एसी/हीटिंग
इंटरनेट सुविधा
उन्नत फर्निशिंग
स्मोक डिटेक्टर और बेहतर सुरक्षा प्रबंध
टैरिफ में शामिल नाश्ते के लिए अलग से शुल्क नहीं लिया जा सकेगा तथा इसकी स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना पर्यटन गतिविधियों को विकेन्द्रित करेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी और स्थानीय युवाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्रदान करेगी। इससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खानपान और पारंपरिक जीवनशैली का प्रामाणिक अनुभव मिलेगा, वहीं ग्रामीण और पारिवारिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

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