लखनऊ में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का शंखनाद

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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ महानगर की बैठक में संघर्षात्मक कार्यक्रम तय, आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प

लखनऊ, 21 फरवरी 2026।
कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में राजधानी लखनऊ में शिक्षकों ने खुलकर आवाज बुलंद की है। टीएफआई के निर्देशों के अनुपालन में आज उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ महानगर, लखनऊ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी संघर्षात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के पदाधिकारियों ने की, जबकि जिला मंत्री श्री वीरेंद्र सिंह ने प्रस्तावित आंदोलन और चरणबद्ध कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए शिक्षकों को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यरत शिक्षकों पर पुनः टीईटी की अनिवार्यता थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ भी है।
बैठक में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए रणनीतियां तय की गईं। शिक्षकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार ने इस विषय पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर काकोरी ब्लॉक अध्यक्ष श्री अजय सिंह, महानगर अध्यक्ष श्री संदीप कुमार, मंत्री श्री अभय प्रकाश, कोषाध्यक्ष श्री सै. अब्बास रजा जैदी, संयुक्त मंत्री सुश्री अर्चना मिश्रा तथा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संघर्षात्मक आंदोलन को सफल बनाने और संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

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