यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से: नकलविहीन व पारदर्शी आयोजन के लिए मुख्य सचिव के सख्त निर्देश
अन्य खबरे Feb 04, 2026 at 07:36 PM , 142लखनऊ।
मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के सफल, नकलविहीन और पारदर्शी आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के सभी जनपदों में पूर्णतः शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से आयोजित कराई जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती घटनाओं के दृष्टिगत आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया एवं गोण्डा सहित कुल 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन जनपदों में अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि सभी परीक्षा कक्षों एवं परिसरों में सीसीटीवी कैमरे व वॉयस रिकॉर्डर पूर्णतः क्रियाशील हों। राज्य एवं जनपद स्तर पर कंट्रोल व मॉनीटरिंग सेंटर स्थापित कर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। परीक्षा कार्य में लगे सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि एसटीएफ एवं एलआईयू के माध्यम से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की कड़ी निगरानी रखी जाए। प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में हो तथा स्ट्रांग रूम से केवल सही प्रश्नपत्र की ही निकासी सुनिश्चित की जाए। स्ट्रांग रूम की रात्रिकालीन रैंडम चेकिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। बाह्य नकल रोकने के लिए क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष नियमित पेट्रोलिंग करें।
परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा समयानुसार बसों का नियमित संचालन एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखते हुए अफवाह फैलाने, अनुचित मुद्रण एवं परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि 01 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेशभर में ओवरलोडिंग एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लंबित चालान, ओवरलोड वाहनों तथा फर्जी या गलत नंबर प्लेट लगाकर खनिज परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उपखनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस डिवाइस व माइन टैग अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और विभागीय पोर्टल से उनका इंटीग्रेशन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने शेष 5,632 वाहनों को शीघ्र माइन टैग से टैग कर प्रणाली को पूर्ण रूप से प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि अवैध खनन एवं परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने मंडलायुक्तों को कलेक्ट्रेट तथा जिलाधिकारियों को तहसील कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। नामांतरण, पैमाइश, वरासत जैसे राजस्व प्रकरणों की सतत मॉनीटरिंग कर समय-सीमा में निस्तारण कराया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि यूपी बोर्ड परीक्षाएं प्रदेश के 8,033 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित होंगी। प्रथम पाली प्रातः 8:30 से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 2:00 से 5:15 बजे तक होगी। वर्ष 2026 की परीक्षा में कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 27,61,696 हाईस्कूल एवं 25,76,082 इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी मुख्य विषयों के रिजर्व प्रश्नपत्र सेट, केन्द्रवार कोडिंग, स्ट्रांग रूम की 24×7 निगरानी तथा पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।



























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